देश विदेश के महंगा नोकरिया हो
गंउआं छोड़ा गइल हमसे हो भाई
छुटिया बीतत तनिको देर ना लागे
दुनिया बिला गइल सगरी हो माई।
माई बाप बूढ़ अगोरेलें रहिया
दुखवा से तनिको हो उबरे न पाईं
केहू न बूझेला मनवां के बतिया
कईसे बताईं आ का समझाईं?
दूर भईलें सब खेतवा खलिहनवां
बचपन के दिनवां जे बहुते रुलाई
दूर भईलें सगरो बाग बगइचा हो
जहवां दुपहरिया हम जाके बिताईं।
छोडि नौकरिया गांवें चली जाईं त
कईसे सपनवां उ पूरा हो पाई?
फूस के पलनिया में रहे परिवार हो
कवनो ठेकान त लागि ना पाईल?
सोचि के मनवां में आगे के जिनगी
भुला जाला घाम, भुला जाला छाहिं
बेटिया कबो जो आगे चलि आवे त
सोचीले कइसे बियाहल जाइ?
कर्जा भरत में हो बीतल उमिरिया
जेतना कमइनी महाजन चुकाईं
इहवां के भइनी ना उहवें के भइनी
कईसे बताईं आ का समझाईं?
लोगे से सुखवा आ लोगे से दुखवा
एकर मरम हम जानि ना पाईं
कबसे मजधारे में नाव फंसल बा
कबो हम पार उतरिये न पाईं?
देश विदेश के महंगा नोकरिया हो
गंउआं छोड़ा गइल हमसे हो भाई
छुटिया बीतत तनिको देर ना लागे
दुनिया बिला गइल सगरी हो माई।