आवs मोरी सजनी हो, मोरी दुल्हनियां
माथे पे सोभेला लाल तोहर बिंदिया
हो चलत में बाजेला छम पैजनियां
अजुए अंजोर भईल मोर जिनिगिया?
हो तोहके बनाके दुल्हनियां…
सजाईं जिनगी, अईसन बुझाला।
सपने में आवेलु तू हर रोज ही हमरे
अईसन लागेला सब दुनिया बा तोहमें
मीठ मीठ बात तोहर मन में समाला
हो तोहरे गले में हम डालि वरमाला…
सजाईं जिनगी, अईसन बुझाला।
आवs आवs सजना, मोरे सुगनवां
सोहन लागे हो तोहर बरतिया
नाचेलें झूमेलें साथी संघतिया
हो तोहके बनाके आपन दुलहा…
सजाईं जिनगी, अईसन बुझाला।
सपने में आवेलs तू जब जब हमरे
अईसन बुझाला सब दुनिया बा तोहमें
सखी लोग रोजे तोहर बात बतियावेली
तोहरे बिना त हमके नींद नाही आला…
सजाईं जिनगी, अईसन बुझाला।
लगन कराके नया दुनिया बसाईब
तोहर बिना हम कहां कहीं सुख पाईब?
कबले माई के घर में चऊका पूराईब
बेटी के घर में भी नाहीं राखल जाला…
सजाईं जिनगी, अईसन बुझाला।
लगन के बेला बाs ओ मोरे सजनी
मुख तोहर झलकता बा चांद जईसे रजनी
फूलवन से सजल बाs मंडप के चंदन
आवs जोड़ाइं तोहसे जीवन के बंधन
हो तोहके पहिराके वरमाला…
सजाईं जिनगी, अईसन बुझाला।
आवs मोरी सजनी हो, आवs मोरी चंदनियां
आवs मोरे सुगना हो, आवs सजनवां
हो तोहके पहिराके वरमाला…
सजाईं जिनगी, अईसन बुझाला।