आवs मोरी सजनी हो, मोरी दुल्हनियांमाथे पे सोभेला लाल तोहर बिंदियाहो चलत में बाजेला छम पैजनियांअजुए अंजोर भईल मोर जिनिगिया?हो तोहके बनाके दुल्हनियां…सजाईं जिनगी, अईसन बुझाला। सपने में आवेलु तू हर रोज ही हमरेअईसन लागेला सब दुनिया बा तोहमेंमीठ मीठ बात तोहर मन में समालाहो तोहरे गले में हम डालि वरमाला…सजाईं जिनगी, अईसन बुझाला। आवs आवs सजना, मोरे सुगनवांसोहन लागे हो तोहर बरतियानाचेलें...
पीपल जाते कह गया
पीपल जाते कह गया, मत करना अब बातकितने दिवस आए नहीं, तुम भी तो मेरे पास? भूल गए मैना गौरैया, भूले शुक चितचोरभूल गई है कोयल भी, भूल गए सब मोर। पनघट मुझसे रूठ गया, लेता है मुंह को फेरनदिया भी अब पास नहीं, मांझी न गाता टेर। गोधूली भी स्वप्न हो गईं, दिखे न कोई ढोरचरवाहे अब भूल गए, आना ही इस ओर। भूल गए हैं मर्कट भी, करते थे जो किल्लोलभूल गईं हैं गिलहरियां, जो दौड़ा करतीं रोज। मैं साथी तेरे पुरखों का...
चापलूसी की तमन्ना
चापलूसी की तमन्ना अब हमारे दिल में हैदेखना है जोर कितना साहिबे-मसनद में है? हमने देखा उनके पैरों में हैं छाले हो गएहम तुरत ही आ के उनकी मरहम पट्टी कर गए। हमने देखा उनके घर में सब्जी की किल्लत हुईअगले पल ही सब्जीमंडी अपनी भी आदत हुई। उनके बालों में यकायक जो सफेदी आ गईहमको भी सहसा सफेदी की वो लज्जत भा गई। हम तो चंपी करने में भी खुद बड़े मशहूर हैंदिन रहे या रात को ही साहब बुलाते खूब हैं। उनका मुखड़ा...
बरगद
यहीं एक बरगद हुआ करता था, पहलेहम उसकी छांव में खेले थे, पहले। गर्मियों में तो यहां घर का वहम होता थाघर यहां कम ही थे वैसे भी, पहले। पक्षियों ने भी यहीं नीड़ का निर्माण कियायहीं फल भी गिरा करते थे, पहले। हम कितने खुश थे जरा धूप और छाया मेंलोग भी कितने जुड़े थे, पहले। जड़ें ऊपर से नीचे को लटक आती थींवहीं वृक्ष भी बन जाती थीं, पहले। कैसा बदला ये जमाना कि बरगद न रहाजाने किस दर्द से गुजरा था, पहले।...
अक्सर भूल जाता हूं
क्या खूब झगड़ा आजकल सजदाघरों का हैमैं जब भी सिर झुकाता हूं ये अंतर भूल जाता हूं। मुझे मस्जिद कलीसे भी किसी मंदिर से लगते हैंमैं उनको देखकर खुद अपना मज़हब भूल जाता हूं? है मालिक कौन दुनिया का भला मैं पूछता क्यों हूं?कि यह भी उसकी मर्जी है मैं अक्सर भूल जाता हूं। खड़ा मैं जब भी होता हूं किसी सच के शिवाले मेंलगे किस रंग के झंडे मै अक्सर भूल जाता हूं। सियासत जो भी कहती हो, हूं मैं भी आदमी आखिरहिदायत...
जब चलते चलते रात हुई
जब चलते-चलते रात हुईउन छालों से कुछ बात हुईमंजिल का कोई पता नहींफिर आंखों से बरसात हुईथक कर बैठा था मनुज मौनजुगनू बोला रोता है कौन?आंसू क्यों व्यर्थ बहाते होबाधाओं से घबराते हो? आओ मैं तेरी थकन हरूंकुछ अपने मन की बात कहूंरातों के घने अंधेरे मेंजब जलता कोई दीप नहींपदचिन्हों की हर रेख मौनकिससे पूछेगा राह कौन?जब तारों पर छाते बादलतूफान हो गया हो पागलतब भी आशाएं होती हैंकुछ परिभाषाएं होती हैं। जो...
चराग़
जब एक चराग़ बुझ गया तूफान हंस पड़ाउसने समझा अब कहीं चराग़ नहीं। जगनुओं को देकर कसम चराग़ों नेअंधेरी राह पर फिर से उजाले कर दिए। वो उजालों का निगहबान होता जाएगाजो अंधेरों में पशेमान होता जाएगा। बस एक ज़ुबान की चाहत है इन उजालों कोअंधेरे देर तक मेहमान नहीं होते हैं। थर थर कांप रही है लौ, पर जिंदा हैदेर तक वो भी अंधेरों का भरम रखती है। तुम चराग़ न सही, जुगनू ही चलो हो जानाजिसमें न तेल है, न दिया है, न...
काहे करे मनवां उदास?
चार दिन चंदनियां के चहकल अंजोरियाचार दिन पीरितिया के बातचार दिन चंदरमा चमकलें अंगनवांचार दिन सजनवां के साथ। अगले ही दिनवां परदेश गईलें सजनासजनी के मनवां उदासअमवा के डलिया से पूछेली कोइलरिकाहे भइल बनवास? निंदिया न आवे रामा भूखिओ न लागेतनिको लागे ना पियासमनवां ही मनवां गोरी पूछेले देवताकईसन भइल मोरे साथ? ऊहां परदेसवा में सजना उदासलतरसे मिलनवां के आसमनवां के सब बाति पतिया में लिखलेंदेवें सजनियां के...
जिंदगी
जा के फिर जिंदगी नहीं आईवो गई और फिर नहीं आई। हर शहर ढूंढ लिया हर मोड़ पे तलाशा उसकोजो खुशबू पास से गुजरी, फिर नहीं आई। उसका मधुमास सा आना मेरे पतझड़ मेंवैसी पछुए में पुरवाई, फिर नहीं आई। अब तो खुशबू के सारे शहर जैसे रीत गएमहक कुछ ऐसी करिश्माई, फिर नहीं आई। प्यास बढ़ती ही रही पर वो प्याला न मिलाप्यार में ऐसी तवानाई, फिर नहीं आई। मौसमों का भी कोई रंग न देखा ऐसावैसी सर्दी में गरमाई, फिर नहीं आई।...
घरौंदा
लोग आते रहेंगे, लोग जाते रहेंगेहम कहानी खुद अपनी बनाते रहेंगेबहारों का मौसम या पतझड़ कोईहम तुझपर दिलो-जां लुटाते रहेंगे। तुम जो चलकर थकोगे कभी राह परकांधे थपकी हम आकर लगाते रहेंगेइंद्रधनुषों में जैसे खिले सात रंगतुझको सपनों में आकर जगाते रहेंगे। हमने यहां कुछ लकीरों को खींचालकीरों से कितनों को रस्ता मिलाकभी रश्मियों से कभी जगनुओं सेहम तेरी राह रौशन बनाते रहेंगे। हमने गमों के सभी रंग देखेबहुत से...