केहू केहू के अइसन बनावेलें रामओके देखिके भुला जाला सगरो काम। तू जिंदगिया में जब से आ गइलूहमरे मनवां में हलचल मचा गइलूरात चांदनी के जइसे चमके लागलदिनवां चंदन के जइसे महके लागल। तोहर होठवा के लाली गुलाबे नियरतोहर अंखिया मतावे शराबे नियरजब किरनियां के जइसे आवेलू तूलागे सरसों खिलल बा पीयरे पीयर। मनवां लट्टू के जैसे नाचेला होप्यासा पानी के देखि जैसे हरसेला हो।जइसे मधुआ के छत्ता में लिपटे खातिरभंवरा दे...
लौटि आव गऊंआ
भूले सजन लौटि आवs अब गऊंआलौटि आवs गऊंआ हो आवs हमरे गऊंआंहोए फेर तोहरो दर्शनवां हो रामालौटि आवs गऊंआं। गऊंआ के सोना माटी सरसो फूलाइलमहुआ भी चदरा अस भुईंयां बिछाइलफागुन के आवेला सपनवां हो रामालौटि आवs गऊंआं। जबसे तू गईल पतियो न भेजलअबला बियाहल के सुध बिसरवलकइसन बा तोहरो करेजवा हो रामा?लौटि आवs गऊंआं। अबकि जे अईबो त लौटि न पईबोनेहवा के डोर तोसे अईसन लगईबोगऊंएं में बसिहें परनवां हो रामालौटि आवs...
जहाजिन
कहियो आवs न हो..कहियो आवs न हमरो दलान चिरईकि सुनाईं हम आपन बयान चिरईबहुते उजड़ल बा मनवां के छान चिरईजबसे छूटल ऊ पुरखन के गांव सगरीहिया अइंठे हो जैसे गतान चिरईकहियो बिसरल न दिनवा पुरान चिरईकहियो आवs न हमरो दलान चिरई। कहियो आवs न हो…कहियो आवs न हमरो दलान चिरईकि सुनाईं हम आपन बयान चिरईदूर भईलें हो रिश्ता नातान सगरीहम ना जनलीं फिरंगी के चाल चिरईबहुते जालिम बा गिरमिट के जाल चिरईहमसे बिछुड़ल हो गंऊआं...