मैं रहूं ना रहूं वतन मेरातू रहेगा यही जतन मेराव्यर्थ ही आंधियों से डरते होअमिट एहसास है वतन मेरा। माना हम आज कुछ परेशां हैआज आंखों में कुछ नमी सी हैकल तो अपना है यह गुमाना हैअनगिनत दौरे ऐसे गुजरे हैंऔर निखरा है यह वतन मेरा। मुश्किलों में ही परख होती हैकौन कब तलक हमकदम होगाजब भी कुछ बेबसी का मंजर होफिर से उभरा है यह वतन मेरामान मेरा है यह वतन मेरा। कौन कहता है चांद चलता हैकौन कहता है गुलों में रंग...