कोशिशें हमारी हैं, फैसला तुम्हारा हैकुछ तो सोच कर तुमने, हमें यहां उतारा है। जिंदगी है छोटी सी, चार दिन का डेरा हैजो भी दे दिया तुमने, कर लिया गुजारा है। सुख औ दुख के साए में, वक्त यूं फिसलता हैमुस्कान ज्यों ही खिलती है, दर्द आ के मिलता है। कुछ भी ना हुआ हासिल, मुझको सुख़न-साज़ी मेंबस इंतजार है तेरा, इतनी ही तो बाजी है। वह समय भी देखेंगे, जब कभी तुम आओगेअपनी आरजूओं से हम तुमको आजमाएंगे। हमने कैसा...
संक्रांति काल
हम मानव संक्रांति काल केमूल्यों के अवसान काल केनए पुराने दो पाटों मेंसामंजन बैठाया करतेसंबंधों की डोर न टूटेखुद का जी बहलाया करतेहमने है पितरों से सीखाऊंचाई पर गर्व न करनाअपनेपन के आलिंगन मेंसब को लेकर साथ है चलना। अर्जन की कमी खलती हैमन में कोई कमी ना आईअपना खो कर सबको पायामन में लेकिन क्लेश ना आयानैतिकता का मोल बड़ा हैसोच में कोई आंच न आईआज इस संक्रांति काल मेंजीवन मूल्यों का मोल नहीं है। कोई...
मिल्कियत
कितने बदल गए हम भीप्यास ही जिंदगी कर लीमौसम से रंज कर बैठेऔर फूलों से दोस्ती कर ली। क्या मिला, न मिला, देखे कौन?कौन इतना हिसाब कर डालेहै फुर्सत किसे जो वणिकों साअपना मिज़ाज कर डाले? जफ़ा वाले सोच में रहतेकि पत्थर का जवाब पत्थर हैमैंने रिवायत पलट कर रख डालीफूलों में जवाब कर डाला। लगा लो मिल्कियत का हिसाबमैंने पलड़े ग़ज़ल को रख डालातुम जो चाहो तुम रख डालोमैंने अपनी शग़ल को रख डाला। अब देखें कहां ले...
ओस
ओस की एक बूंदगिरी घास परकोने पर अटकीथोड़ी सी ठिठकी। फिर बोली मुझसेतू क्या देखे मोयपल ही जीवन मेरासाथ न आया कोय। फिर भी मैं हंसती हूंहीरे सी चमकती हूंसतरंगी रंग लिएकिरणों का संग लिए। एक ठंडा शीतल साकोमल एहसास मेराजैसे कोई सपना होपल भर इतिहास मेरा। यह दूब हरित चादरछोटा आकाश मेरासूरज के चमकते हीपानी बन जाऊंगी। तुम आए धरती परएक लंबी उम्र लिएफिर भी हो संशय मेंहै क्या प्रारब्ध तेरा? जीवन तेरा...
यायावरी
बीत गई रात रीआ गई यायावरीआज यहां कल वहांफक्कड़ों का राज री।
जिंदगी में आ गईअलग सी एक रास रीबंधनों से मुक्त जैसेहो रही मन की लड़ी।
ह्रदय में उल्लास जैसेवसंत का हो राग रीलेखनी भी मस्त होकरलिख रही जिंदादिली।
समय में बदलाव कीछा गई है ताजगीआज जाना मैंने खुद कोरोज ही नव गान री।