चलिए आज आपको कुछ पुराने दिनों से परिचित कराता हूं। पाटलिपुत्र से तो आप समझ ही गए होंगे कि मैं अपने प्रिय राज्य की बात कर रहा हूं क्योंकि यह नाम वहीं से संबंधित है, हां विरोधी पार्टी वाले कभी-कभी इसका नाम जंगलराज से जोड़ देते हैं, यह और बात है। जंगल में मंगल करना कोई हमसे सीखे, और इसके कुछ उदाहरण भी मैं आपको देता हूं। उस दिन मैं अपने गांव से बनारस जाने के लिए निकला था। गांव से थोड़ी दूर एक अन्य...
कागज का पेट
डॉ शिवकुमार अपनी कक्षा लेकर वापस आ अपने कमरे में बैठे ही थे कि उन्हें अनुचर ने एक महत्वपूर्ण बैठक की याद दिलाई। बैठक आइक्यूएसी की थी और यह बैठक उन्होंने ही बुलाई थी। विगत कई वर्षों से वह आइक्यूएसी समन्वयक के रूप में कार्य कर रहे थे और उन्होंने विभिन्न प्रवक्ताओं का प्रमोशन भी पूरे मनोयोग से कराया था। बैठक का एजेंडा नया यूजीसी नियमन निश्चित था जिसके अनुसार अब शिक्षकों का प्रोफेसर पद पर प्रमोशन...
सब मोबइलवे में बाऽ
आज कहानी प्रारंभ करने के पहले मोबाइल देवता को नमन कर लेता हूं क्योंकि यह कहानी उन्हीं पर है। आपको याद होगा गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस में सबसे पहले देवताओं की वंदना की है, फिर बाद में स्वांत: सुखाय पर बात खत्म की है। आज का विषय कुछ ऐसा ही है, कभी-कभी तो मुझे लगता है कि मोबाइल देवता कलयुग में साक्षात परमेश्वर के अवतार है क्योंकि धरती पर किसी देवता के आने का प्रभाव सभी मनुष्यों पर पड़ता है।...