मैं रहूं ना रहूं वतन मेरातू रहेगा यही जतन मेराव्यर्थ ही आंधियों से डरते होअमिट एहसास है वतन मेरा। माना हम आज कुछ परेशां हैआज आंखों में कुछ नमी सी हैकल तो अपना है यह गुमाना हैअनगिनत दौरे ऐसे गुजरे हैंऔर निखरा है यह वतन मेरा। मुश्किलों में ही परख होती हैकौन कब तलक हमकदम होगाजब भी कुछ बेबसी का मंजर होफिर से उभरा है यह वतन मेरामान मेरा है यह वतन मेरा। कौन कहता है चांद चलता हैकौन कहता है गुलों में रंग...
दीपक
वह दीपक मुझे बुलाता हैविकराल तिमिर के बिंब बीचमुझको लड़ना सिखलाता हैवह मुझमें आस जगाता हैवह दीपक मुझे बुलाता है। कैसे एक जरा सी लौलड़ती घनघोर अंधेरे से?दृढ़ निश्चय की बाती परअपने कदम टिकाता हैवह दीपक मुझे बुलाता है। मुझमें है उसका अंश कोईमेरा उससे संबंध कोईजब स्वप्नों का हो अनस्तित्ववह मुझमें स्वप्न जगाता हैवह दीपक मुझे बुलाता है। निश्चित है लड़ना होगा हीजब भी कोई निःशब्द हुआकोई बेड़ी में जकड़ा...