यह बहुत है, तुम साथ हो मेरेजीवन में मिठास छलक आई हैवरना घर में बैठकर तन्हाहर पल का वजन गिनता। तुम दिन के हो उजालेरातों की महक तुम होहोठों पर मुस्कुराहट कीबस एक वजह तुम हो। कैसे यह समय बीतामालूम नहीं मुझकोअभी तो हम चले थेदो चार कदम मिलकर। अभी तो इश्क सीखा हैमजलिस के माहिरों सेबाकी है आजमानाकितने ही मशवरों को। अभी तो फलसफे भीसमझ में नहीं आएबस इतना जानता हूंतुम हो तो जिंदगी है। वक्त को थाम लूं...